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tum ta renda bhole baba Lyrics | Garhwali Shiv Bhajan lyrics शिवरात्रि भजन bhole baba ke bhajan
शिव भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 27 जुलाई 2025
भजन का अर्थ
यह गढ़वाली भजन एक भक्त की भावुक खोज को दर्शाता है, जो गौरीकुंड में अकेला भोलेनाथ को याद करता है जबकि बाबा ऊँचे कैलाश पर निवास करते हैं।
जहाँ-जहाँ गंगा, चंदा, नाग, डमरू और गौरा को ढूँढा गया, वे सब भोले के ही अंग-प्रत्यंग में मिले - यह पहाड़ी भक्ति-भाव की मार्मिक अभिव्यक्ति है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन उत्तराखंड में शिवरात्रि और सावन के अवसर पर पहाड़ी लोकशैली में गाया जाता है, विशेषकर केदारनाथ-गौरीकुंड यात्रा के दौरान।
भजन के बोल
तुम त रैंदा भोले बाबा उंचा कैलाश मा......
तुम त रून्चा भोले बाबा उंचा कैलाश मा......
मी एक-ली रेग्यू बाबा गौरी कुंड मा।......
गंगा ढूंढी बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
गंगा पायी बाबा मीले तुम री जटा मा || तुम त रून्चा भोले बाबा......
चंदा ढूंढी बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
चंदा पायी बाबा मिल तुमरा माथ मा || तुम त रून्चा भोले बाबा....
नाग ढूंढ बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
नाग पाई बाबा मिल तुमरा गला मा || तुम त रून्चा भोले बाबा....
डमरू ढूंढी बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
डमरु पायी बाबा मिल तुमरा हाथ मा || तुम त रून्चा भोले बाबा....
गौरा ढूंढी बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
गौरा पायी बाबा मिल तुमरा संग मा || तुम त रून्चा भोले बाबा....
नंदी ढूंढ बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
नंदी पायी बाबा मिल तुमरा चरण मां || तुम त रून्चा भोले बाबा....
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