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tum ta renda bhole baba Lyrics | Garhwali Shiv Bhajan lyrics शिवरात्रि भजन bhole baba ke bhajan
Shiv Bhajan
भजन का अर्थ
यह गढ़वाली शिव भजन एक भक्त की विरह वेदना को दर्शाता है जो कहता है कि भोले बाबा ऊँचे कैलाश पर रहते हैं और वह गौरी कुंड में अकेला है। जहाँ-जहाँ गंगा ढूंढी वह भोले की जटा में मिली, चंदा उनके माथे पर, नाग गले में, डमरू हाथ में और गौरा उनके संग मिलीं। यह भजन शिव के हर अंग में उनकी विशेषताएँ ढूंढने की भावना को व्यक्त करता है। यह पहाड़ी संस्कृति का एक सुंदर और भावपूर्ण भजन है।
भजन के बोल
तुम त रैंदा भोले बाबा उंचा कैलाश मा......
तुम त रून्चा भोले बाबा उंचा कैलाश मा......
मी एक-ली रेग्यू बाबा गौरी कुंड मा।......
गंगा ढूंढी बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
गंगा पायी बाबा मीले तुम री जटा मा || तुम त रून्चा भोले बाबा......
चंदा ढूंढी बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
चंदा पायी बाबा मिल तुमरा माथ मा || तुम त रून्चा भोले बाबा....
नाग ढूंढ बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
नाग पाई बाबा मिल तुमरा गला मा || तुम त रून्चा भोले बाबा....
डमरू ढूंढी बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
डमरु पायी बाबा मिल तुमरा हाथ मा || तुम त रून्चा भोले बाबा....
गौरा ढूंढी बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
गौरा पायी बाबा मिल तुमरा संग मा || तुम त रून्चा भोले बाबा....
नंदी ढूंढ बाबा मिल जग्हो जग्हो मा।
नंदी पायी बाबा मिल तुमरा चरण मां || तुम त रून्चा भोले बाबा....