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पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया Pawan uda kar le gayi meri maa ki chunriya lyrics
Mata Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में माँ की चुनरी पवन उड़ाकर ले जाती है और वह कैलाश पर गौरा जी को, अयोध्या में सीता जी को, गोकुल में राधा जी को और सत्संग में भक्तों को भा जाती है। यह भजन माँ की चुनरी के माध्यम से सभी देवियों और भक्तों के बीच आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाता है। माँ का आशीर्वाद सभी जगह पहुँचता है।
भजन के बोल
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
उड़के चुनरिया कैलाश पे पहुची
गौराजी के मन को भा गयी रे
मेरी माँ की चुनरिया
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
उड़के चुनरिया अयोध्या में पहुची
माता सीता के मन को भा गयी रे
मेरी माँ की चुनरिया
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
उड़के चुनरिया गोकुल में पहुची
राधा के मन को भा गयी रे
मेरी माँ की चुनरिया
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
उड़के चुनरिया सत्संग में पहुची
भक्तो के मन को भा गयी रे
मेरी माँ की चुनरिया
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया