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Mere Bholenath Aaye Hai | सजा दो घर को गुलशन सा मेरे भोलेनाथ आए हैं
Shiv Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में भक्त भोलेनाथ के आने पर घर को गुलशन की तरह सजाने का आह्वान करता है। उनके चरणों को प्रेम की गंगा से धोना है और पलकें बिछानी हैं। बाबा को देखकर आँखें भर आती हैं और गलियाँ रोशन हो जाती हैं। भक्त प्रार्थना करता है कि बाबा आकर फिर न जाएँ। यह भजन भोलेनाथ के आगमन पर भक्त की अपार खुशी और उनसे न बिछड़ने की इच्छा को व्यक्त करता है।
भजन के बोल
सजा दो घर को गुलशन सा मेरे भोलेनाथ आए हैं
लगी कुटिया भी दुल्हन सी मेरे भोलेनाथ आये है
पखारो इनके चरणों को, बहाकर प्रेम की गंगा,
बिछा दो अपनी पलकों को, मेरे भोलेनाथ आये है…
उमड़ आयी मेरी आँखे, देखकर अपने बाबा को,
हुयी रोशन मेरी गलिया, मेरे भोलेनाथ आये है…
तुम आकर फिर नही जाना, मेरी इस सुनी दुनिया से,
कहू हरदम यही सबसे, मेरे भोलेनाथ आये है…
लगी कुटिया भी दुल्हन सी, मेरे भोलेनाथ आये है,
सजा दो घर को गुलशन सा, मेरे भोलेनाथ आये है…