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मैया नवरातो में जब धरती पे आती है| Maiya Navratro Mein Jab Dharti Pe Aati Hai Lyrics
Mata Bhajan
भजन का अर्थ
यह नवरात्रि भजन बताता है कि माँ नवरात्रों में धरती पर आती हैं यह सोचकर कि किसको क्या देना है। पहले से छठे दिन वे भक्तों की खबर लेती हैं, खाते में लिखती हैं और दर्शन देती हैं। सातवें से नौवें दिन खजाने खोलकर दोनों हाथों से लुटाती हैं। दसवें दिन विदाई पर सबकी आँखें भर आती हैं और माँ फिर आने का वादा करके जाती हैं।
भजन के बोल
मैया नवरातो में,जब धरती पे आती है,
किसको है क्या देना,ये सोच के आती है.......(2)
पहले नवरातो में,माँ सबकी खबर लेती,
दूजे नवरातो में,अपने खाते में लिख लेती है,
तीजे नवरातो से,बात आगे बढ़ाती है,
मैया नवरातो मे,जब धरती पे आती है.........
किसको है क्या देना,ये सोच के आती है.......(2)
चौथे नवरातो में,माँ आसान लगाती है,
पाँचवे नवरातो में, माँ आ गयी बताती है,
छटे नवरातो में, सबको दर्शन कराती है,
मैया नवरातो मे, जब धरती पे आती है...........
किसको है क्या देना,ये सोच के आती है.......(2)
सतवे नवरातो में, खोल देती खजाने है,
अठवे नवरातो से, लग जाती लूटाने है,
नव्वे नवरातो में, दोनो हाथो से लुटाती है,
मैया नवरातो मे, जब धरती पे आती है............
किसको है क्या देना,ये सोच के आती है.......(2)
दसवे दिन माता की, बिदाई जब आती है,
सारे धरती के लोगो की, आँखे भर आती है,
‘रामा’ फिर आउंगी, वादा करके चली जाती है,
मैया नवरातो मे, जब धरती पे आती है.............
किसको है क्या देना,ये सोच के आती है.......(2)
मैया नवरातो में, जब धरती पे आती है,
किसको है क्या देना, ये सोच के आती है,
मैया नवरातो मे, जब धरती पे आती है...........
किसको है क्या देना,ये सोच के आती है.......(2)