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कितना प्यारा है नागो वाला हर भोले || Kitna pyara hai nago wala har bhole bhajan lyrics
Shiv Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में भक्त भोले बाबा के नाग वाले हार की तारीफ करते हुए बलिहार जाता है। गंगा ने जटा में समाकर, चंदा ने माथे पर सजकर, सर्पों ने गले में लिपटकर, भस्म ने तन पर रमकर और गौरा मैया ने भोले के साथ रहकर पुण्य कमाया। हर एक पर भक्त बलिहार जाता है। यह भजन शिव के अंग-प्रत्यंग की महिमा और उनसे जुड़ी हर वस्तु के प्रति भक्त की श्रद्धा को दर्शाता है।
भजन के बोल
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले |
तेरे हारो पे जाऊ बलिहार भोले ||
तेरी गंगा ने धरम कमा लिया |
तूने जटा में उसको समा लिया ||
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले |
तेरे गंगा पे जाऊ बलिहार भोले ||
तेरे चंदा ने धरम कमा लिया |
तूने माथे में उसको सजा लिया ||
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले |
तेरे चंदा पे जाऊ बलिहार भोले ||
तेरे सर्पो ने धरम कमा लिया |
जिन्हें भोले ने गले में समा लिया ||
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले |
तेरे सर्पो पे जाऊ बलिहार भोले ||
उस भस्म ने धरम कमा लिया |
उसे भोले ने तन पे रमा लिया ||
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले |
तेरे भस्म पे जाऊ बलिहार भोले ||
गौरा मैया ने धरम कमा लिया |
जिन्हें भोले ने अपना बना लिया ||
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले |
उन मैया पे जाऊ बलिहार भोले ||