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Bina bulaye chali aaungi maiya tohre duariya Bhajan Lyrics
Mata Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में भक्त बिना बुलाए माँ के दरबार जाने का संकल्प करती है। हरिद्वार से मनसा माँ का, जम्मू से वैष्णो का, हिमाचल से नैना माँ का, विंध्याचल से माँ का, कलकत्ता से काली माँ का बुलावा आया। हर धाम पर अलग-अलग चढ़ावा — डुबकी, चुनरी, नारियल, दीपक और खप्पर। यह भजन सभी शक्तिपीठों की यात्रा करने की भक्ति-भावना को दर्शाता है।
भजन के बोल
बिना बुलाये चली आउंगी मैया तोहरी दुवरिया |
तोहरी दुवरिया मैया तोहरी दुवरिया ||
बिना बुलाये चली आउंगी मैया तोहरी दुवरिया...
पहला बुलावा, हरिद्वार से आया|
हरिद्वार से आया ,मेरे मनसा का आया ||
डुबकी पे डुबकी लगाउंगी मैया तोहरी दुवरिया...
दूसरा बुलावा, जम्मू से आया|
जम्मू से आया, मेरी वैष्णो का आया||
चुनरी पे चुनरी चढ़ाऊंगी मैया तोहरी दुवरिया...
तीसरा बुलावा, हिमाचल से आया|
हिमाचल से आया, मैया नैना का आया||
नारियाल पे नारियाल चढ़ाऊंगी मैया तोहरी दुवरिया...
चौथा बुलावा, विंध्याचल से आया|
विंध्याचल से आया, मेरी मैया का आया||
हाथो से दीपक जलाऊंगी मैया तोहरी दुवरिया...
पांचवा बुलावा, कलकत्ता से आया|
कलकत्ता से आया, मैया काली का आया||
खप्पर पे खप्पर चढ़ाऊंगी मैया तोहरी दुवरिया...
छठवा बुलावा भक्तो का आया|
भक्तों का आया घर-घर से आया||
कीर्तन पे कीर्तन कराऊंगी मैया तोहरी दुवरिया...