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Bhole baba himachal chale bhajan lyrics
शिव भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 29 जुलाई 2023
भजन का अर्थ
यह भजन शिव-पार्वती के विवाह प्रसंग पर आधारित है, जिसमें गौरा को दुल्हन के रूप में सजाया जाता है और भोले बाबा हिमाचल (हिमालय, पार्वती के मायके) की ओर बारात लेकर चलते हैं।
भजन में भोले के माथे पर चंद्रमा, कानों में कुंडल और गले में नागों की माला जैसे उनके पारंपरिक श्रृंगार का वर्णन है, वहीं गौरा मैया की बिंदिया और नथ का भी उल्लेख है — यानी शिव-पार्वती के दिव्य विवाह की झलक इस भजन में मिलती है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष रूप से गाया जाता है, क्योंकि यह दिन शिव-पार्वती विवाह से जुड़ा माना जाता है।
सावन के महीने में शिव भजन-कीर्तन के दौरान भी इसे भक्तिभाव से गाया जाता है, जब शिव-गौरा के दांपत्य प्रेम का स्मरण किया जाता है।
भजन के बोल
भोले बाबा हिमाचल चले, की गोरा आज दुल्हन बनी|--(2)
माथे भोले के चंदा बिराजे|
माथे भोले के चंदा बिराजे||
गोरा मैया के बिंदिया सजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
कान भोले के कुंडल बिराजे|
कान भोले के कुंडल बिराजे||
गोरा मैया की नथनी सजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
गले भोले के नागो की माला|
गले भोले के नागो की माला||
गौरा मैया के हार साजे|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
हाथ भोले के डमरू बिराजे|
हाथ भोले के डमरू बिराजे||
गौरा मैया की नथनी साजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
अंग भोले के बाघाम्बर सोहे|
अंग भोले के बाघाम्बर सोहे||
गोरा मैया के लहंगा सजे|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
कमर भोले के मृगछाला सोहे|
कमर भोले के मृगछाला सोहे||
गोरा मैया के तगड़ी सजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
पैरों में भोले के घुंघरू बिराजे|
पैरों में भोले के घुंघरू बिराजे||
गोरा मैया की पायल बजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
वाहन भोले के नंदी विराजे|
वाहन भोले के नंदी विराजे||
गौरा मैया की डोली सजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
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