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Bhole baba himachal chale bhajan lyrics
Shiv Bhajan
भजन का अर्थ
यह भजन भोले बाबा और गौरा मैया के विवाह प्रसंग को उनके श्रृंगार के माध्यम से वर्णन करता है। भोले के माथे का चंदा — गौरा की बिंदिया, कानों के कुंडल — गौरा की नथनी, गले की नागमाला — गौरा का हार, हाथ का डमरू — गौरा की नथनी, अंग का बाघम्बर — गौरा का लहंगा और पैरों के घुंघरू — गौरा की पायल के समान सुंदर हैं। यह भजन शिव-पार्वती के दिव्य दाम्पत्य का काव्यमय चित्रण है।
भजन के बोल
भोले बाबा हिमाचल चले, की गोरा आज दुल्हन बनी|--(2)
माथे भोले के चंदा बिराजे|
माथे भोले के चंदा बिराजे||
गोरा मैया के बिंदिया सजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
कान भोले के कुंडल बिराजे|
कान भोले के कुंडल बिराजे||
गोरा मैया की नथनी सजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
गले भोले के नागो की माला|
गले भोले के नागो की माला||
गौरा मैया के हार साजे|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
हाथ भोले के डमरू बिराजे|
हाथ भोले के डमरू बिराजे||
गौरा मैया की नथनी साजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
अंग भोले के बाघाम्बर सोहे|
अंग भोले के बाघाम्बर सोहे||
गोरा मैया के लहंगा सजे|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
कमर भोले के मृगछाला सोहे|
कमर भोले के मृगछाला सोहे||
गोरा मैया के तगड़ी सजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
पैरों में भोले के घुंघरू बिराजे|
पैरों में भोले के घुंघरू बिराजे||
गोरा मैया की पायल बजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||
वाहन भोले के नंदी विराजे|
वाहन भोले के नंदी विराजे||
गौरा मैया की डोली सजी|
की गोरा आज दुल्हन बनी||