"गीत की धुन को समझने के लिए, वीडियो जरूर देखें।"
पांव में घुंघरु हाथों में कंगना आए गजानन गोरा जी के अंगना Paao Mai Ghungru Hatho Mai Kangna Aye Gajanan Gora Ji Ke Angna
गणेश भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 19 सितंबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन बाल गणेश के गौरा जी के आँगन में आगमन का सुंदर दृश्य रचता है, जहाँ पाँवों में घुंघरू और हाथों में कंगन पहने बालगणेश झूमते हुए आते हैं।
भजन में गंगाजल से स्नान कराने और गौरा मैया द्वारा धीरे-धीरे पालने में झुलाने का वर्णन है — यह बाल गणेश के प्रति माँ के वात्सल्य और श्रृंगार भाव को कोमलता से दर्शाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन गणेश चतुर्थी और घरेलू गणपति पूजन के दौरान गाया जाता है, विशेषकर जब बाल गणपति की मूर्ति का श्रृंगार और स्नान कराया जाता है।
बुधवार की गणेश पूजा और भजन-कीर्तन में भी इसे भक्त सरलता और स्नेह के साथ गाते हैं।
भजन के बोल
पांव में घुंघरु हाथों में कंगना आए गजानन गोरा जी के अंगना
पांव में घुंघरु हाथों में कंगना,
आए गजानन गोरा जी के अंगना
गंगाजल पानी सिला रे उबटन
नहाए गजानन शंकर जी के अंगना
धीरे धीरे गोरा झुलाय रही पलना
पांव में घुंघरु हाथों में कंगना,
आए गजानन गोरा जी के अंगना
पात पीतांबर ध्वजा धोती
पहने गजानन भोले जी के अंगना
धीरे धीरे गोरा झुलाय रही पलना
पांव में घुंघरु हाथों में कंगना
आए गजानन गोरा जी के अंगना
घिस घिस चंदन भरी रे कटोरी
तिलक लगाय रहे,भोले जी के अंगना
धीरे धीरे गोरा झुलाय रही पलना
पांव में घुंघरु हाथों में कंगना,
आए गजानन गोरा जी के अंगना
भर भर थाली बेसन के लड्डू
भोग लगाय रहे,भोले जी के अंगना
धीरे धीरे गोरा झुलाय रही पलना
पांव में घुंघरु हाथों में कंगना
आए गजानन गोरा जी के अंगना
कोरे कोरे मटके में ठंडा ठंडा पानी
पीवे गजानन,भोले जी के अंगना
धीरे धीरे गोरा झुलाय रही पलना
पांव में घुंघरु, हाथों में कंगना
आए गजानन गोरा जी के अंगना
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए



