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गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे gora khol de kiwad darshan ganpati ke karade bhajan lyrics
Ganesh Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में गोरा यानी माँ पार्वती से कहा जाता है कि वे किवांड खोलें और गणपति के दर्शन कराएँ। ब्रह्मा-ब्रह्माणी, विष्णु-लक्ष्मी, कान्हा-राधा और भोले-नंदी सहित भक्त और बच्चे भी दरवाजे पर खड़े हैं। यह भजन माँ पार्वती की गणपति के प्रति ममता और भक्तों की दर्शन-लालसा को सुंदर ढंग से व्यक्त करता है।
भजन के बोल
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।
दर्शन गणपत के करा दे।.....2
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा तेरे द्वार पर ब्रह्मा जी खड़े हैं।
ब्रह्मा जी खड़े हैं हां ब्रह्मा जी खड़े हैं।
उनके संग ब्राह्मणी आई दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।.....2
गोरा तेरे द्वार पर विष्णु जी खड़े हैं।
विष्णु जी खड़े हैं हां विष्णु जी खड़े हैं।
उनके संग लक्ष्मी जी आई दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।....2
गोरा तेरे द्वार पर कान्हा जी खड़े हैं।
कान्हा जी खड़े हैं हां कान्हा जी खड़े हैं।
उनके संग राधा जी आई दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा तेरे द्वार पर भोले जी खड़े हैं।
भोले जी खड़े हैं हां भोले जी खड़े हैं।
उनके संग नंदी जी आए दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।....2
गोरा तेरे द्वार पर भक्त खड़े हैं।
भक्त खड़े हैं हां भक्त खड़े हैं।
उनके संग बालक और बच्चे, दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।....2
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।
दर्शन गणपत के करा दे।दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।
गोरा खोल दे किवांड दर्शन गणपत के करा दे।