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गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश - Gauri shankar ke angana me nache ganesh Bhajan Lyrics
Ganesh Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में गौरी शंकर के आँगन में गणेश नाचते हैं। लाल फूलों से सजाकर कार्तिक के संग नृत्य होता है। सोने के लोटे से चरण धुलाए जाते हैं, भस्मी-रोली से तिलक लगाया जाता है, मोतियों की माला पहनाई जाती है और भंगिया-धतूरे का भोग लगाया जाता है। गणेश माता-पिता गौरी शंकर के चक्कर लगाते हैं। यह भजन शिव परिवार की प्रेमपूर्ण दिनचर्या का सुंदर चित्रण है।
भजन के बोल
गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश ||
नाचे गणेश देखो नाचे गणेश ,
गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश ||
लाल लाल फूलों से सजाया -२
कार्तिक के संग में नाचे गणेश ,
कार्तिक के संग में नाचे गणेश।।
गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश।।
सोने का लोटा गंगाजल पानी,
गौरी शंकर के चरण धुलाये गणेश।।
गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश।।
भस्मी भभूति रोली लगाए,
गौरी शंकर को तिलक लगाए गणेश।।
गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश।।
नीले पिले मोतियन की माला बनाये,
माता पिता को पहनाये गणेश ||
गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश।।
भंगिया धतूरा मावा मिठाई,
गौरी शंकर को भोग लगाए गणेश।।
गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश।।
कंचन थाल कपूर और बाती,
जगमग ज्योत जलाये गणेश ।।
गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश।।
भोले जी का जप तप मैया जी का सुमिरन,
गौरी शंकर के चक्कर लगाए गणेश ||
गौरी शंकर के अंगना में नाचे गणेश।।